Sangya kise kahate hain | संज्ञा की परिभाषा और प्रकार उदाहरण

Sangya kise kahate hain | संज्ञा की परिभाषा और प्रकार उदाहरण


Sangya kise kahate hain | संज्ञा की परिभाषा और प्रकार उदाहरण

हैल्लो स्टूडेंट्स आज के इस लेख में हम जानेंगे sangya kise kahate hain या संज्ञा की परिभाषा और इसके उदाहरण क्या हैं और साथ ही संज्ञा के भेद के बारे मे भी जानेंगे क्यू की संज्ञा की सही परिभाषा आना सबको बहुत ज़रूरी है संज्ञा की परिभाषा और इसके भेद वगैरह बड़े से बड़े एग्जाम मे भी पूछ ली जाती है अगर ऐसे मे आपको संज्ञा के बारे मे कुछ ज़्यादा जानकारी नही होगी तो आप एग्जाम मे इसे सही तरीके से लिख नही पाएंगे संज्ञा आज लगभग छोटे से लेकर हर बड़े क्लास की किताबों मे देखने को मिल जाएगी क्यू की इसे छोटे क्लास से ही बताना शुरू कर दिया जाता है फिर बाद मे जैसे-जैसे हम हाई लेवल की स्टडी आगे करते जाते हैं वैसे ही हम संज्ञा को और भी गहराई से पढ़ते जाते हैं वैसे तो इन्टरनेट पर आपको संज्ञा से रिलेटेड कई सारे आर्टिकल मिल जायेंगे लेकिन मैं जिस तरह से पूरी गहराई के साथ आपको इस बारे मे बता रहा हूँ वैसा आर्टिकल आपको किसी और वेबसाइट पर नही मिलेगा इसीलिए आज लाखों बच्चे डार्क मीडिया पर भरोसा करते हैं।

बच्चों संज्ञा हमे हमारे हिंदी ग्रामर यानि की व्याकरण की किताबों मे देखने को ज़रूर मिलती है आपने भी कहीं न कहीं संज्ञा के बारे मे ज़रूर सुना होगा।

Sangya kise kahate hain | संज्ञा की परिभाषा

संज्ञा हमारी हिंदी ग्रामर की एक बहुत ही महत्वपूर्ण अध्याय होती है इसके बिना हमारी व्याकरण ही अधूरी सी लगती है क्यू की व्याकरण के ज्यादातर हिस्से मे संज्ञा की भूमिका देखने को मिलती है क्या आप जानते हैं संज्ञा विशेष रूप से एक विकारी शब्द होता है इस दुनिया मे जितनी भी वास्तु या व्यक्ति के नाम हैं वो सभी संज्ञा कहलाते हैं चलिए इसकी परिभाषा जान लेते हैं।

संज्ञा की परिभाषा – किसी व्यक्ति,वस्तु,प्राणी,भाव,गुण या स्थान के नाम को संज्ञा कहते हैं. संज्ञा का मतलब नाम होता है क्यू की किसी भी चीज़ के नाम को संज्ञा कहते हैं।

आपको बताते चलूं की संज्ञा शब्द का इस्तेमाल हम किसी व्यक्ति या वस्तु आदि के लिए नही करते हैं संज्ञा शब्द का इस्तेमाल सिर्फ किसी व्यक्ति या वास्तु आदि के नाम के लिए किया जाता है जैसे की शिवानी खाना खाती है तो इसमें ‘शिवानी” को हम संज्ञा कहेंगे चलिए अब हम इसके और भी ढेर सारे उदाहरण जान लेते हैं।

संज्ञा के उदाहरण ( sangya ke udahran )

वास्तु के नाम – कुर्सी,तख़्त,पेंसिल,कंघी,दीवार,पलंग,मेज आदि।

प्राणी के नाम – लड़का,लड़की,घोडा,मैना,भेड़ आदि।

व्यक्ति के नाम – हरिस,शिवानी,गीता,फरहा,ज़ोहान,रोहन आदि।

भाव के नाम – प्यार,रहम,गुस्सा,हैरान आदि।

गुण के नाम – चालाकी,बेईमानी,होशियारी,इमानदारी आदि।

स्थान के नाम – लखनऊ,दिल्ली,मुंबई,फतेहपुर आदि।

संज्ञा शब्द क्या है और इसके उदहारण

किसी भी व्यक्ति,वास्तु या स्थान के नाम को जो शब्द दर्शाता है उसी को संज्ञा शब्द कहते हैं।

उदाहरण – ताजमहल,लालकिला,कुतुबमीनार,इंडिया गेट,बिल्ली,कुत्ता,ट्रक,ट्रेन,हवाई जहाज,बैलगाड़ी आदि।

sangya ke kitne bhed hote hain – संज्ञा के भेद

अब संज्ञा के भेद जानेंगे और साथ ही इसके सारे उदाहरण भी जानेंगे आपको बता दूँ संज्ञा के पूरे पांच भेद होते हैं।

  1. व्याक्तिवाचक संज्ञा (vyakti vachak sangya)

  1. भाववाचक संज्ञा (bhav vachak sangya)

  1. जातिवाचक संज्ञा (jativachak sangya)

  1. द्रव्यवाचक संज्ञा (dravya vachak sangya)

  1. समूहवाचक संज्ञा (samuh vachak sangya)

व्यक्तिवाचक संज्ञा किसे कहते हैं

किसी विशेष व्यक्ति,वास्तु या स्थान के नाम को व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं एक बात का हमेशा ध्यान रखिये व्यक्तिवाचक संज्ञा सिर्फ वही हो सकता है जो एकवचन हो जैसे की महात्मा गाँधी,टीपू सुल्तान,अकबर,दिल्ली,लन्दन आदि ये सारे के सारे एकवचन हैं अगर यहीं पर ये सारे शब्द बहुवचन हो तो जैसे की कुर्सियां,मेजें,या डंडे आदि ये बहुवचन हैं इस वजह से इन्हें हम जातिवाचक संज्ञा नही कह सकते हैं.व्यक्तिवाचक संज्ञा की यही खाशियत होती है की जिस भी व्यक्ति या वास्तु आदि की हम बात कर रहे हों वो सिर्फ इकलौती ही होनी चाहिए।

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हैकिंग क्या है | हैकर कितने प्रकार के होते हैं?

उदाहरण :

  • यह ताजमहल है।

  • हारिस फुटबाल खेल रहा है।

  • गीता हिन्दुओ की पवित्र किताब है।

  • मोदी चोर है।

  • यह कुतुबमीनार है।

  • शिवानी गाती है।

  • हुमैज़ा की घोड़ी कहीं भाग गई।

  • सीता खाती है।

  • सचिन तेंदुलकर एक महान खिलाड़ी है।

  • सलमान खान एक मशहूर एक्टर है।

  • हनी सिंह एक बड़ा सिंगर है।

  • शाहरुख खान वर्ल्ड फेमस एक्टर है।

  • दिल्ली में लाल किला है।

  • हुज़ैफा फुटबॉल खेलता है।

  • मोहन मेरा दोस्त है।

  • उसे इंग्लिश में बात करना बहुत पसंद है।

  • ज़ोहान एक अच्छा लड़का है।

  • असद पढ़ता है।

  • तलहा बहुत तेज दौड़ता है।

  • हिफ़ज़ान सऊदी में रहता है।

  • सुरेश कंप्यूटर का जानकार है।

  • मुकेश के पिता इंजीनियर हैं।

  • महेश के पिता दरोगा हैं।

  • श्याम के पिता बिजनेसमैन हैं।

  • रोहन गांव जाता है।

भाववाचक संज्ञा किसे कहते हैं

किसी भाव,दशा,गुण या अवस्था का की पहचान कराने वाले शब्द को भाववाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे प्यार, गुस्सा, लालच, बुढ़ापा, जवानी, आश्चर्य आदि एक बात का ध्यान रखें भाववाचक संज्ञा हमेशा एकवचन मैं ही प्रयुक्त होते हैं इनका बहुवचन से लेना देना नहीं होता है इनका बहुवचन जातिवाचक संज्ञा का बोध कराता है जैसे कि शादी – शादियाँ, चोरी – चोरियाँ, डकैती – डकैतियाँ आदि।

भाववाचक संज्ञा अस्पर्शी होती हैं भाववाचक संज्ञा में हम भाव की पहचान करते हैं भावों को हम छू नहीं सकते सिर्फ अनुभव कर सकते हैं जैसे कि गुस्सा तो इसे हम छू नहीं सकते या प्यार तो इसे भी हम छू नहीं सकते इसे सिर्फ हम अनुभव कर सकते हैं सीधे से उसका मतलब है भाववाचक संज्ञा हमें भावों की पहचान कराता है।

उदाहरण :

  • गुस्सा,प्यार,ख़ुशी आदि ये सारे शब्द हमे भाव का बोध करवा रहे हैं गुस्सा भाव ही होता है आप किसी की शक्ल देख कर इसका अंदाजा लगा सकते हैं कि सामने वाला गुस्सा है या खुश है किस तरह का भाव सामने वाले के चेहरे पर दिख रहा है हालांकि गुस्सा और खुशी दोनों भाव है हलाकि दोनों भावों में अंतर है जब आप किसी का चेहरा देखेंगे तो आपको खुद ही अंदाजा लग जाएगा कि सामने वाला व्यक्ति गुस्सा है या खुश है लेकिन है तो दोनों भाव ही चाहे गुस्सा हो या खुशी हो।

  • बेईमानी,चालाकी ये दोनों शब्द गुण को दर्शा रहे हैं क्योंकि अगर कोई व्यक्ति बेईमान है या चालाक है तो ये उस व्यक्ति का गुण है जैसा कि मैंने आपको ऊपर बताया था भाववाचक संज्ञा किसी विशेष व्यक्ति या स्थान या फिर गुण,वस्तु आदि की पहचान कराती है उसी तरह से बेईमानी और चालाकी दोनों शब्द गुण हैं और ये हमें भाववाचक संज्ञा पहचान करा रही है।

  • दुख,शुख,बुढ़ापा ये तीनों शब्द किसी की अवस्था को दर्शा रहे हैं अगर सामने वाला व्यक्ति दुखी है तो आप उसे देख कर ही समझ जाएंगे कि ये दुखी है और ये उसकी अवस्था है या अगर सामने वाला व्यक्ति बूढ़ा है तो आप जान जाएंगे कि ये इसकी अवस्था है और अवस्था की पहचान हमें भाववाचक संज्ञा ही कराती है।

जातिवाचक संज्ञा किसे कहते हैं

किसी विशेष व्यक्ति,स्थान या विशेष वस्तु की जाति बताने वाले शब्द को जातिवाचक संज्ञा कहते हैं जातिवाचक संज्ञा का काम ही यही होता है जातिवाचक संज्ञा हमेशा किसी विशेष व्यक्ति स्थान या वस्तु की जाति बताती है जैसे कि कुत्ता,बिल्ली,और शेर,डॉक्टर,इंजीनियर,पहाड़,नदी, लेखक आदि इसमें एक बात ध्यान देने वाली ये भी है कि अगर हम किसी विशेषण शब्द या क्रिया वाचक शब्द को बहुवचन में लिख दें तो उसे भी जातिवाचक संज्ञा ही कहा जाता है जैसे कि औरत – औरतें, छोटा – छोटों चोर – चोरों आदि यह सब जातिवाचक संज्ञा ही कहे जाएंगे।

  • औरत,आदमी,लड़का,लड़की आदि ये सभी अलग-अलग हैं लेकिन ध्यान देने वाली बात ये भी है कि ये अलग-अलग तो हैं लेकिन ये सारे के सारे मनुष्य ही हैं और मनुष्य ही इनकी जाती है और जाति की पहचान कराना ही जातिवाचक संज्ञा का काम होता है तो हम इससे समझ सकते हैं कि औरत,आदमी,लड़का,लड़की ये सभी एक जाति के हैं और इनकी जाति मनुष्य है यह सारे के सारे मनुष्य ही हैं।

  • यहां पर बात मनुष्य की हो रही है तो मनुष्य किसी एक विशेष व्यक्ति को नहीं दर्शा रहा है बल्कि मनुष्य सारे मनुष्य जाति को दर्शा रहा है मनुष्य जाति में औरत और आदमी दोनों हो सकते हैं।

  • कुत्ता,बिल्ली,शेर और गाय,घोड़ा,गधा आदि ये सारे के सारे अलग होते हैं लेकिन हम समझ सकते हैं कि ये सारे जानवर जाति के हैं और जातिवाचक संज्ञा जाति को ही दर्शाता है फिर वो किसी मनुष्य की जाती हो या जानवर की जाती हो यहां पर शेर गाय और ये सब के सब एक जानवर ही हैं और यही इनकी जाति है।

  • तो यहां पर मैंने आपको बताया है जानवर और मनुष्य दोनों जातिवाचक संज्ञा है ठीक इसी तरह बालक,बालिका आदि भी जातिवाचक संज्ञा कहलाते हैं। क्योंकि बालक किसी एक विशेष लड़के  को नहीं कहते हैं बल्कि बालक में बहुत सारे बच्चे आते हैं बालक एक ही नहीं है बालक तो बहुत सारे हैं बालक आप भी हैं बालक मैं भी हूं ठीक इसी तरह बालिका भी जातिवाचक संज्ञा को दर्शाती है।

उदाहरण :

  • बालिकाएं स्कूल जा रही हैं।

  • जानवर घास खा रहे हैं।

  • जिराफ काफी ऊंचा जीव है।

  • लड़के गांव जा रहे हैं।

  • लड़कियां शहर जा रही हैं।

  • मनुष्य काफी बुद्धिमान होते हैं।

  • बकरी घास खा रही है। यहां पर किसी एक विशेष बकरी की बात नहीं की जा रही है उस बकरी का  नाम नहीं लिया जा रहा है बल्कि यहां पर बकरी कहा जा रहा है बकरी में कोई सी भी बकरी हो सकती है बकरी जाति का बोध करा रही है इस वजह से बकरी को जातिवाचक संज्ञा कहा जाएगा।

द्रव्यवाचक संज्ञा किसे कहते हैं

किसी पदार्थ,धातु,अधातु या द्रव्य का बोध कराने वाले शब्द को द्रव्यवाचक संज्ञा कहा जाता है।

सोना,चांदी,लोहा आदि ये सारे शब्द अलग-अलग धातु की पहचान बताते हैं जैसा कि मैंने अभी आपको बताया धातु की पहचान कराने वाले शब्द को द्रव्यवाचक संज्ञा कहते हैं तो इस तरह से सोना चांदी लोहा द्रव्यवाचक संज्ञा कहे जाएंगे क्योंकि यहां पर सोना एक धातु है और वो हमें पहचान करा रहा है कि यह एक धातु है उसी तरह से चांदी भी एक धातु है लेकिन धातु की पहचान करा रहा है इस वजह से हमें पता है कि यह चांदी है लेकिन है तो धातु ही तो यहां पर सोना चांदी लोहा सब द्रव्यवाचक संज्ञा माने जाएंगे।

पानी,दूध आदि ये शब्द द्रव्य को दर्शा रहे हैं इस वजह से इन्हें द्रव्यवाचक संज्ञा कहा जाएगा क्योंकि पानी भी द्रव्य को दर्शाता है और दूध भी द्रव्य को दर्शाता है इस वजह से ये  दोनों द्रव्यवाचक संज्ञा कहे जाएंगे।

उदाहरण :

  • ज़ोहान को दूध पीना है।

  • हारिस को पानी पीना है।

  • आज सोना सस्ता हो गया है।

  • आज चांदी महंगी हो गई है।

  • बकरी का दूध मीठा होता है।

  • गाय का दूध नमकीन होता है।

  • ऑक्सीजन हमारे लिए बहुत जरूरी है।

  • लोहे में जंग लग जाता है।

एक बात यहां पर ध्यान देना है कभी-कभी ऐसा भी हो जाता है कि किसी वाक्य में ऐसा शब्द संज्ञा के एक भेद को दर्शाता है जबकि दूसरे किसी वाक्य में वही शब्द संज्ञा के किसी दूसरे भेद को दर्शा देता है उदाहरण के तौर पर आप नीचे देख सकते हैं हमें उम्मीद है कि आपको समझ आ रहा होगा sangya kise kahate hain , संज्ञा की परिभाषा , sangya ke kitne bhed hote hain या संज्ञा किसे कहते हैं उदाहरण सहित पोस्ट पर लास्ट तक बने रहें।

  • हमारे देश का पूरा परिवार खुशहाल है। यहां पर देखा जाए तो परिवार शब्द एक तरह से समूहवाचक संज्ञा है क्योंकि परिवार शब्द समूह का बोध करवा रहा है परिवार एक समूह और देखा जाए तो यहां पर परिवार जातिवाचक संज्ञा को भी दर्शा रहा है क्योंकि इस वाक्य में परिवार शब्द का जो इस्तेमाल हुआ है वो पूरे देश के परिवारों को दर्शा रहा है।

समूहवाचक संज्ञा किसे कहते हैं

किसी विशेष समुदाय या समूह की स्थिति को प्रकट करने वाले संज्ञा शब्द को समूहवाचक संज्ञा या समुदाय वाचक संज्ञा कहा जाता है। जैसे कि डॉक्टर इंजीनियर,साइंटिस्ट,पुलिस,परिवार,मेला,सेना,कक्षा,भीड़,सभा आदि। यहां पर ये सारे शब्द किसी एक समूह का बोध करवा रहे हैं इस वजह से ये सारे शब्द समूह वाचक संज्ञा कहे जाएंगे।

उदाहरण :

  • आज कक्षा नहीं चलेगी।

  • कल गांव में सभा है।

  • हम लोग मेला घूमने गये थे।

  • हम लोग भीड़ में फस गए हैं।

  • हमारे देश की सेना सबसे मजबूत है।

  • यहां पर कूड़े का ढेर लगा हुआ है।

  • कल पुलिस आएगी।

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अंतिम शब्द

आज के इस आर्टिकल में हमने आपको बताया है sangya kise kahate hain , संज्ञा किसे कहते हैं या sangya ke kitne bhed hote hain मुझे उम्मीद है आपको संज्ञा की परिभाषा अच्छी तरह से समझ आ गई होगी और संज्ञा के भेद भी अच्छी तरह से समझ आ गए होंगे इस लेख में मैंने आपको संज्ञा से रिलेटेड सारी जानकारी दे दिया है अब आपको किसी और जगह पढ़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी अगर अभी भी इससे रिलेटेड आपके मन में कोई सवाल बचा हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में अपने सवाल पूछ सकते हैं हम आपके सवालों के जवाब देने की पूरी कोशिश करेंगे आशा करता हूं पोस्ट आपको अच्छी लगी होगी और आपके लिए काफी हेल्पफुल रही होगी अगर पोस्ट आपको पसंद आई हो तो अपने दोस्तों के साथ भी शेयर जरूर करें।

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