Sangya ke kitne bhed hote hain | संज्ञा के भेद – पूरी जानकारी

Sangya ke kitne bhed hote hain | संज्ञा के भेद – पूरी जानकारी


Sangya ke kitne bhed hote hain | संज्ञा के भेद - पूरी जानकारी

हैल्लो स्टूडेंट्स आज के इस आर्टिकल में मैं आपको बताऊँगा sangya ke kitne bhed hote hain क्यू की संज्ञा के भेद के बारे में आप सभी को मालूम होना बहुत ज़रूरी है इस वजह से आप सभी के लिए मैं ये आर्टिकल पूरी डिटेल के साथ लिख रहा हूं आर्टिकल में मैंने आपको संज्ञा के भेद कितने होते हैं इससे रिलेटेड सारी जानकारी दिया है पोस्ट को लास्ट तक पढ़े और किसी भी पॉइंट को मिस ना करें तभी जाकर आपको सबकुछ अच्छी तरह से समझ आएगा पिछले पोस्ट में मैंने आपको संज्ञा की परिभाषा के बारे में बताया था साथ ही थोड़ा-बहुत संज्ञा के भेद के बारे में भी समझा दिया था लेकिन इस आर्टिकल में खास करके मैं आपको संज्ञा के कितने भेद होते हैं इस बारे में बता रहा हूं अगर आपने संज्ञा के बारे में अच्छे से पढ़ लिया है तो अब आपको संज्ञा के भेद के बारे में भी अच्छे से जानकारी होना बहुत जरूरी है क्योंकि अक्सर संज्ञा के भेद हमसे कहीं ना कहीं किसी भी एग्जाम में पूछ लिए जाते हैं क्योंकि ये हमारे व्याकरण का बहुत ही इंपॉर्टेंट हिस्सा है।

Sangya ke kitne bhed hote hain | संज्ञा के भेद

बच्चों संज्ञा के पांच भेद होते हैं और वो कौन-कौन से होते हैं उसकी लिस्ट मैंने आपको नीचे दे दिया आप देख सकते हैं।

  • व्याक्तिवाचक संज्ञा (vyakti vachak sangya)

  • जातिवाचक संज्ञा (jativachak sangya)

  • भाववाचक संज्ञा (bhav vachak sangya)

  • समूहवाचक संज्ञा (samuh vachak sangya)

  • द्रव्यवाचक संज्ञा (dravya vachak sangya)

तो ये थे संज्ञा के पांच भेद जो मैंने आपको ऊपर बता दिया है आइये अब इनके बारे में एक-एक करके उदाहरण के साथ पूरी डिटेल से जान लेते हैं।

व्यक्तिवाचक संज्ञा:

किसी विशेष व्यक्ति,स्थान या वस्तु आदि के नाम को व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं एक बात को हमेशा अपने ध्यान में रखिये व्यक्तिवाचक संज्ञा सिर्फ वही हो सकता है जो एकवचन हो जैसे की टीपू सुल्तान,अकबर,लन्दन,जापान,चारमीनार,जवाहर लाल नेहरू आदि ये सब के सब एकवचन हैं अगर यहीं पर ये सारे शब्द बहुवचन हो तो जैसे की कुर्सियां, मेजें या डंडे आदि ये बहुवचन हैं इस वजह से इन्हें जातिवाचक संज्ञा नही कहा जा सकता है व्यक्तिवाचक संज्ञा की यही खूबी होती है की जिस भी व्यक्ति या स्थान आदि की हम बात कर रहे हों वो सिर्फ एक ही होनी चाहिए मतलब बहुवचन नही होना चाहिए।

उदाहरण :

  • यह लालकिला है।

  • ज़ोहान क्रिकेट खेल रहा है।

  • क़ुरान शरीफ मुस्लिमों की पवित्र किताब है।

  • अमित चोर है।

  • यह चारगेट है।

  • शिवानी खाती है।

  • हुमैज़ा की भैंस कहीं भाग गई।

  • रीता गाती है।

  • सचिन तेंदुलकर एक अच्छा खिलाड़ी है।

  • सैफ अली खान एक एक्टर है।

  • हनी सिंह एक मशहूर सिंगर है।

  • शाहरुख खान बहुत बड़ा एक्टर है।

  • आगरा में ताजमहल है।

  • हुज़ैफा फुटबाल खेलता है।

  • सोहन मेरा दोस्त है।

  • उसे इंग्लिश में बात करना अच्छा लगता है।

  • ज़ोहान एक शरारती लड़का है।

  • असद खेलता है।

  • तलहा बहुत तेज चलता है।

  • हिफ़ज़ान लंदन में रहता है।

  • सुरेश इंटरनेट का जानकार है।

  • सुकेस के पिता डॉक्टर हैं।

  • राजेश के पिता पुलिस हैं।

  • मोहन के पिता बिजनेसमैन हैं।

  • सोहन शहर जाता है।

जातिवाचक संज्ञा:

किसी विशेष व्यक्ति, वस्तु या विशेष स्थान की जाति बताने वाले शब्द को जातिवाचक संज्ञा कहा जाता है। जातिवाचक संज्ञा हमेशा किसी विशेष स्थान,व्यक्ति या वस्तु की जाति बताती है जैसे कि हाथी,बिल्ली,कुत्ता और चीता,डॉक्टर,पहाड़,झील आदि इसमें एक बात का हमेशा ध्यान रखिये कि अगर किसी विशेषण शब्द या क्रिया वाचक शब्द को बहुवचन में लिख दिया जाये तो उसे भी जातिवाचक संज्ञा ही कहा जाता है जैसे कि लड़की – लड़कियाँ, बड़ा – बड़ों, चोर – चोरों आदि ये सारे जातिवाचक संज्ञा ही माने जायेंगें।

  • लड़का,लड़की,औरत,आदमी आदि ये सभी अलग-अलग हैं लेकिन ध्यान देने वाली बात ये भी है कि ये अलग-अलग तो हैं लेकिन ये सभी मनुष्य ही हैं और मनुष्य ही इनकी जाती है और जो जाति की पहचान कराती है उसे ही हम जातिवाचक संज्ञा कहते हैं जातिवाचक संज्ञा का काम ही यही होता है तो हम इससे समझ सकते हैं लड़की,लड़का,औरत,आदमी ये सारे एक जाति के हैं इनकी जाति मनुष्य ही है ये सब के सब मनुष्य हैं।

  • यहां पर बात मनुष्य की हो रही है तो मनुष्य किसी एक विशेष व्यक्ति को तो सिर्फ कहा नही जाता है  बल्कि मनुष्य सारे मनुष्य जाति को कहा जाता है मनुष्य जाति में लड़का,लड़की और औरत सभी आते हैं।

  • हाथी,शेर,सियार,कुत्ता,चूहा,बिल्ली,बंदर,भालू आदि ये सब के सब अलग होते हैं लेकिन हमे पता है कि ये सारे जानवर जाति के हैं और जातिवाचक संज्ञा जाति को ही दर्शाता है फिर वो चाहे किसी मनुष्य की जाती हो या किसी जानवर की जाती हो यहां पर बिल्ली,कुत्ता और ये सारे के सारे एक जानवर ही हैं और यही इनकी जाति है।

  • मैंने आपको बताया है मनुष्य और जानवर दोनों जातिवाचक संज्ञा है इसी तरह बालक,बालिका आदि भी जातिवाचक संज्ञा कहलाते हैं। क्योंकि बालक किसी लड़के को नहीं कहते हैं बल्कि बालक में तो बहुत सारे बच्चे हैं बालक एक ही नहीं है बालक तो बहुत सारे हैं बालक आप भी हैं बालक मैं भी हूं तो इसी तरह बालिका भी जातिवाचक संज्ञा को दर्शाती है sangya ke kitne bhed hote hain बने रहें पोस्ट पर पूरी जानकारी के लिए।

उदाहरण :

  • बालिकाएं खेलने जा रही हैं।

  • जानवर मांस खा रहे हैं।

  • हाथी काफी विशाल है।

  • लड़के शहर जा रहे हैं।

  • लड़कियां स्कूल जा रही हैं।

  • कंप्यूटर बहुत बुद्धिमान मशीन है।

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भाववाचक संज्ञा:

भाव,गुण,दशा या अवस्था की पहचान कराने वाले शब्द को भाववाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे गुस्सा,लालच,बुढ़ापा,प्यार आदि भाववाचक संज्ञा हमेशा एकवचन में ही प्रयुक्त होते हैं इनका बहुवचन से लेना देना नहीं होता है इनका बहुवचन जातिवाचक संज्ञा का बोध कराता है जैसे कि शादी – शादियाँ, चोरी – चोरियाँ, डकैती – डकैतियाँ आदि।

भाववाचक संज्ञा से भाव की पहचान होती है भावों को हम छू नहीं सकते हैं सिर्फ अनुभव ही कर सकते हैं जैसे कि गुस्सा तो इसे हम छू नहीं सकते हैं या प्यार तो इसे भी हम छू नहीं सकते इन्हें सिर्फ अनुभव किया जाता है सीधे से इसका  मतलब है भाववाचक संज्ञा हमें भावों की पहचान कराता है।

उदाहरण :

  • प्यार,गुस्सा,ख़ुशी आदि ये सब हमे भाव का बोध कराते हैं गुस्सा भाव ही है हम सामने वाले व्यक्ति की शक्ल को देखकर आसानी से अंदाजा लगा सकते हैं सामने वाले के चेहरे पर किस तरह का भाव दिख रहा है यह हम देखकर ही अंदाजा लगा लेते हैं हालांकि ख़ुशी और गुस्सा दोनों भाव ही हैं और दोनों भावों में अंतर भी है जब आप किसी का चेहरा देखेंगे तो आपको खुद ही पता चल जायेगा  कि सामने वाला व्यक्ति गुस्सा है या खुश है लेकिन है तो दोनों भाव ही चाहे ख़ुशी हो या गुस्सा हो।

  • चालाकी, बेईमानी ये दोनों शब्द भी गुण को दर्शा रहे हैं क्योंकि अगर कोई व्यक्ति चालाक है या बेईमान है  तो ये उस व्यक्ति का गुण है।

समूहवाचक संज्ञा:

किसी विशेष समुदाय या समूह की स्थिति का बोध कराने वाले संज्ञा शब्द को समूहवाचक संज्ञा या समुदाय वाचक संज्ञा कहते हैं जैसे कि पुलिस, डॉक्टर, इंजीनियर, साइंटिस्ट, मेला, सभा, परिवार आदि। यहां पर ये सभी शब्द किसी समूह का बोध करवा रहे हैं तो इस वजह से ये सभी शब्द समूह वाचक संज्ञा ही कहे जाएंगे।

उदाहरण :

  • कल कक्षा नहीं चलेगी।

  • आज गांव में सभा है।

  • वे लोग मेला घूमने गये थे।

  • वे लोग भीड़ में फस गए हैं।

  • इस देश की सेना सबसे मजबूत है।

  • वहाँ पर कूड़े का ढेर लगा हुआ था।

  • कल डॉक्टर आएगा।

द्रव्यवाचक संज्ञा:

किसी धातु,पदार्थ,अधातु या द्रव्य का बोध कराने वाले शब्द को द्रव्यवाचक संज्ञा कहा जाता है।

लोहा,सोना,चांदी आदि ये सभी शब्द अलग-अलग धातु की पहचान कराते हैं जैसा कि मैंने अभी आपको बताया धातु की पहचान कराने वाले शब्द को द्रव्यवाचक संज्ञा कहते हैं तो इस तरह से सोना,लोहा,चाँदी द्रव्यवाचक संज्ञा कहे जाएंगे क्योंकि चाँदी एक धातु है वो हमें पहचान कराता है कि यह एक धातु है उसी तरह से सोना भी एक धातु है लेकिन धातु की पहचान करा रहा है इस वजह से हम जानते हैं कि यह चांदी है लेकिन है तो धातु ही तो यहां पर सोना,चांदी,लोहा सब द्रव्यवाचक संज्ञा माने जाएंगे।

उदाहरण :

  • रेहान को पानी पीना है।

  • हारिस को कोल्ड ड्रिंक पीना है।

  • आज चाँदी सस्ता हो गई है।

  • आज सोना महंगा हो गया है।

  • गाय का दूध मीठा होता है।

  • ऊँट का दूध नमकीन होता है।

  • ऑक्सीजन हम सभी के लिए बहुत जरूरी है।

  • लोहे में जंग लग सकता है।

Sangya kise kahate hain | संज्ञा की परिभाषा और प्रकार उदाहरण

संज्ञा की परिभाषा in english | Noun ki paribhasa In english

अंतिम शब्द

आज के इस आर्टिकल के माध्यम से मैंने आपको बताया है sangya ke kitne bhed hote hain आशा करता हूँ संज्ञा के भेद अपको अच्छी तरह से समझ आगए होंगे संज्ञा के कितने भेद होते हैं इस बारे में अगर आपको संपूर्ण जानकारी प्राप्त हो गई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी शेयर ज़रूर करें और अगर इससे रिलेटेड आपके मन में कोई सवाल बाकी हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर पूछें पोस्ट को लास्ट तक पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद।

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