Mouse kya hai | माउस क्या है | माउस कितने प्रकार के होते हैं ?

 Mouse kya hai | माउस क्या है


Hello everyone उम्मीद करता हूँ, आप सब बिल्कुल अच्छे होंगे आज फिर से आप सबके लिए एक यूनिक आर्टिकल ले कर आया हूँ, जिसमे हम बात करेंगे माउस के बारे what is mouse in hindi , mouse kya hai और mouse ke prakar क्या हैं, पोस्ट पर लास्ट तक बने रहिये क्यू की माउस से रिलेटेड सारी जानकारी स्टेप by स्टेप बताने वाला हूँ, जिससे आपको कहीं और जाने के ज़रूरत नही पड़ेगी।


Mouse kya hai

दोस्तों आज का ज़माना लगभग पूरी तरह से डिजिटल हो गया है, हमे कोई भी काम करना होता है तो बहुत आसानी से घर बैठे ही ऑनलाइन कोई भी काम कर लेते हैं, फिर वो चाहे ऑनलाइन शॉपिंग हो, ऑनलाइन स्टडी हो या नेटबैंकिंग आदि हो हम लगभग ज़्यादातर सारे कामों को ऑनलाइन घर बैठे ही अंजाम दे सकते हैं, लेकिन इसके लिए हमे लैपटॉप या कंप्यूटर की ज़रूरत पड़ती है और उसी लैपटॉप और कंप्यूटर की स्क्रीन को हम माउस के ज़रिये ऑपरेट करते हैं, हालाकि हम बहुत सारे कामों को स्मार्टफोन से भी कर सकते हैं उसमें हमे माउस की कोई की ज़रूरत नही पड़ती लेकिन फिर भी ऐसे बहुत सारे ऑनलाइन काम हैं जिन्हें हम सिर्फ pc या laptop के ज़रिये ही कर सकते हैं, अब आप मान लीजिए आप प्रोग्रामर हैं या कोडिंग और वेब डिजाइनिंग में इंटरेस्ट रखते हैं, तो इसके लिए आपको एक लैपटॉप या कंप्यूटर चाहिए ही होगा क्यू की स्मार्टफ़ोन से इन कामों को आप नही कर सकते हैं।

वैसे कंप्यूटर में और भी बहुत सारे हार्डवेयर होते हैं जैसे मॉनिटर, कीबोर्ड, स्पीकर, सीपीयू आदि लेकिन सभी का काम अलग-अलग होता है, उसी तरह माउस भी कंप्यूटर का एक छोटा सा हिस्सा है जो देखने में मॉनिटर, स्पीकर, कीबोर्ड के मुकाबले काफी छोटा होता है, और इसे हम लैपटॉप या कंप्यूटर से कनेक्ट कर के अपने सिस्टम में interact करते हैं, माउस की मदद से हम कोई भी फोल्डर, एप्लीकेशन या किसी भी item को सेलेक्ट करते हैं अगर आप के लैपटॉप या कंप्यूटर में फेसबुक एप्लीकेशन इंस्टॉल है और आप उस ऍप को ओपन करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको mouse की ज़रूरत पड़ेगी क्यू की माउस की मदद से ही आप कर्सर को उस ऍप के ऊपर ले जायेंगे और फिर डबल क्लिक करेंगे जिससे की आपका ऍप ओपन हो जायेगा।

और भी बहुत सारे काम माउस के ज़रिये किये जाते हैं आप किसी चीज़ को drag करना चाहते हैं तो भी आपको माउस की मदद लेनी होगी कहने का मतलब ये है की माउस आपके कंप्यूटर स्क्रीन के pointor या कर्सर को कंट्रोल करता है इस माउस के ज़रिये हम अपने कंप्यूटर में मौजूद सभी फाइल्स या फ़ोल्डर्स को ओपन या क्लोज करने में माउस की मदद लेते हैं  इसीलिए माउस को हम pointing device के नाम से भी जानते हैं।

सारे कंप्यूटर यूज़र्स इसका इस्तेमाल कर के अपने कंप्यूटर को instruction देते हैं की कंप्यूटर के क्या काम करना है इस तरह से माउस यूज़र्स और कंप्यूटर के बीच interface की तरह काम करता है, हम इसकी मदद से कॉम्प्यूटर के हर पार्ट को एक्सेस कर सकते हैं वैसे माउस के अलग-अलग मॉडल मार्किट में अवेलेबल है लेकिन लगभग सभी माउस में एक left button, scroll wheel और एक right button देखने को मिल जाता है, और ये कई तरह के इंटरफ़ेस में भी अवेलेबल हैं।


Mouse ka full form kya hota hai

माउस का फुल फार्म होता है, Manually Operated Utility For Selecting Equipment.

माउस की परिभाषा हिंदी में

माउस एक छोटा सा पॉइंटिंग डिवाइस होता है, जिसके ज़रिये हम अपने कप्यूटर स्क्रीन को आसानी से operate करते हैं, इसकी मदद से किसी भी फाइल को drag कर सकते हैं या किसी भी फोल्डर को open और close कर सकते हैं और साथ ही किसी भी डिफरेंट आइटम को select कर सकते हैं।

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माउस को हिंदी में क्या कहते हैं ?

माउस को हिंदी में कहते हैं ‘उपकरण के चयन के लिए मैन्युअल रूप से संचालित उपयोगिता’.

माउस के कितने भाग होते हैं ?

माउस के पाँच भाग होते है पहला भाग होता है माउस के बटन एक लेफ्ट और एक राईट बटन माउस का दूसरा भाग होता है scroll wheel जिसकी मदद से हम अपने स्क्रीन के पेज को स्क्रॉल डाउन या स्क्रॉल अप कर सकते है, माउस का तीसरा भाग होता है एलईडी या लेज़र इसके अलग अलग टाइप में रोलर का इस्तेमाल किया जाता है इंरोलर और एलईडी की वजह से ही हमे माउस पॉइंटर को ट्रैक करने में मदद मिलती है, माउस का चौथा भाग होता है सर्किट बोर्ड जो की माउस के अंदर ही मौजूद होता है जो की माउस के द्वारा की गयी किसी भी क्लिक एक्टिविटी की information को कंप्यूटर में इनपुट करने के लिए माउस में एक सर्किट बोर्ड होता है, माउस का पाचवाँ भाग होता है केबल या वायरलेस रिसीवर जिसकी मदद से हम माउस को अपने कंप्यूटर में कनेक्ट कर पाते हैं।

माउस कौन सा डिवाइस है इनपुट या आउटपुट?

माउस एक छोटा सा input device होता है।

Mouse kitne prakar ke hote hai

अब हम बात करेंगे Mouse ke prakar की मार्केट में माउस कई प्रकार के available हैं जिसमे सबसे ज़्यादा इस्तेमस्ल होता है optical माउस का जिसे हम usb port के ज़रिये अपने कंप्यूटर से कनेक्ट करते है, चलिये अब नीचे जान लेते हैं 

Mechanical Mouse- mechanical mouse को हम बॉल माउस के नाम से भी जानते हैं क्यू की मेकैनिकल माउस instruction देने के लिए बॉल का इस्तेमाल करता है, जब हमे कर्सर को मूव करवाना होता है तो हम माउस को मूव करते हैं तभी नीचे लगा हुआ बॉल भी मूव होता है जो की कर्सर को मूव करने में हमारी मदद करता है, इसका आविष्कार सन् 1972 में Bill English ने किया था, वैसे आज कल इसका इस्तेमाल बहुत कम हो गया है क्यू की इसकी जगह ऑप्टिकल माउस ने ले लिया है।

Optical Mouse- ऑप्टिकल माउस में बॉल की जगह पर एक एलईडी या लेज़र का इस्तेमाल किया जाता है, इसे जानी मानी माइक्रोसॉफ्ट कम्पनी ने सन् 1999 में पहली बार पेश किया था, ऑप्टिकल माउस में sensor light के रिफ्लेक्शन के आधार पर होने वाले मूवमेंट का पता लगाया जाता है, वहीँ पर कुछ ऑप्टिकल माउस में दो एलईडी लगे हुए होते हैं,   पहला वाला LED desk पर नीचे की तरफ रोशनी डालता है   दूसरी LED माउस के पीछे एक लाल प्लास्टिक की पट्टी को लाइट देती है जिससे आप को पता चल सके की यह काम कर रहा है या नही ज़्यादातर ऑप्टिकल mouse के सामने एक व्हील भी होता है जिससे आप स्क्रीन पर मौजूद पेजेस को बहुत तेजी से स्क्रॉल कर सकते हैं।

Wireless Mouse- ये भी एक तरह का ऑप्टिकल माउस ही होता है जो की बिना wire का होता है लेकिन इसको केबल की जगह हम रिसीवर की मदद से कनेक्ट करते हैं, इसको चलाने के लिए एक छोटी सी बैटरी की भी ज़रूरत पड़ती है यह कंप्यूटर को इंस्ट्रक्शन देने जे लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी का इस्तेमाल करता है, इसका इस्तेमाल करने के लिए एक ट्रांसमीटर और रिसीवर की ज़रूरत पड़ती है, ट्रांसमीटर तो माउस के अंदर ही मौजूद होता है जबकी रिसीवर को कंप्यूटर में अलग से लगाना पड़ता है।

Trackball Mouse- ये भी देखने में कुछ हद तक ऑप्टिकल माउस के जैसा होता है, जब हमें कर्सर को मूव करना होता है या कंट्रोल करना होता है तो ट्रैकबॉल का इस्तेमाल किया जाता है कंप्यूटर को इंस्ट्रक्शन देने के लिए यूज़र्स को बॉल को अपने अंगूठे से या ऊँगली से घुमाना पड़ता है इसे चलाने में थोड़ा टाइम भी लग जाता है।

Stylus Mouse- ये माउस देखने में बिलकुल पेन जैसा होता है इसमें व्हील भी लगी होती है, इसका ज़्यादातर इस्तेमाल स्क्रीन टच devices में किया जाता है, स्क्रीन टच लैपटॉप में stylus mouse का इस्तेमाल किया जाता है।

दोस्तों उम्मीद करता हूँ आप को समझ आ गया होगा mouse kya hota hai या माउस क्या है और माउस कितने प्रकार के होते हैं अब हम जानेंगे mouse ka avishkar kisne kiya और कब किया।

माउस का आविष्कार कब और किसने किया था ?

माउस का आविष्कार सन् 1960 में Douglas Engelbart के द्वारा किया गया था, उसी बीच इंसानो और कंप्यूटरों के बीच सम्पर्क यानी की बातचीत की खोज कर रहे थे। Douglas बचपन से ही बहुत इंटेलीजेंट थे फिर बड़े होकर एक इंजीनियर और इन्वेंटर के रूप में इस दुनिया में प्रसिद्ध हुए इसका पेटेंट इनके द्वारा 1970 में करवाया गया जब माउस का अविष्कार हुआ तो यह सबसे पहले लकड़ी का हुआ करता था, इसे चलाने के लिए इसमें धातु के 2 व्हील लगे होते थे।

जो की देखने में बिल्कुल चूहे की तरह लगता था इसके पीछे चूहे की पूछँ की तरह एक वायर निकली रहती थी इसी वजह से इसका नाम माउस रखा गया, mouse को पहले ‘बग’ के नाम से भी जाना जाता था।



Robot kya hai

माउस कितने का मिलता है?

अगर बात करें माउस की कीमत की तो इनकी स्टार्टिंग 99 रुपये से लेकर हज़ारो रुपये तक की है आप अपने मन के मुताबिक सस्ता या महंगा माउस खरीद सकते हैं, देखने में जितना भी स्टाइलिश और प्रोफेशनल माउस खरीदेंगे उतना ही महंगा मिलेगा।

आज अपने क्या सीखा-

दोस्तों माउस से रिलेटेड सारी जानकारी मैंने इस आर्टिकल के माध्यम से आपको दे दिया है, आशा करता हूँ अब आपके इन सवालों का जवाब आपको मिल गया होगा माउस क्या है , माउस क्या होता है , या types of mouse in hindi अब आपकी बारी है अगर पोस्ट पसन्द आयी हो तो अपने दोस्तों व रिलेटिव्स के साथ व्हाट्सप और फेसबुक पर ज़रूर शेयर करें।

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